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Baby Food: जानें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कब और कैसे खिलाà¤à¤‚ शहद, सेहत के लिठकà¥à¤¯à¤¾ हैं इसके फायदे
हम अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं कि छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद चटाना सेहत के लिठफायदेमंद होता है। लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग यह नहीं जानते कि छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद कब देना चाहिठऔर वासà¥à¤¤à¤µ में इसके फायदे कà¥à¤¯à¤¾ हैं।
शहद में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मिठास के साथ ही कई औषधीय गà¥à¤£ पाठजाते हैं जिससे न सिरà¥à¤« छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है बलà¥à¤•ि इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ मजबूत होती है। यही कारण है कि अधिकांश घरों में सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ को शहद चटाया जाता है।
​बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद कब खिलाना चाहिà¤?
आमतौर पर 1 वरà¥à¤· या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद चटाना चाहिà¤à¥¤ दरअसल à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद देने से किसी तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आहार का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ समठमें आने लगता है।
​बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद खिलाने के फायदे
1 वरà¥à¤· या इससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को समय पर शहद खिलाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ या सोरायसिस नहीं होता है। इसके अलावा à¤à¥€ शहद चटाने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को कई फायदे होते हैं।
​à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ देने में
शहद का सेवन करने से बचà¥à¤šà¤¾ तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रहता है और शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है।
​सूजन दूर करने में
शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाया जाता है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है और आंतरिक अंगों को à¤à¥€ मजबूत रखता है।
​à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर करने में
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में अकà¥à¤¸à¤° कबà¥à¤œ या गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाने से पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर हो जाती है।
​ओरल हेलà¥à¤¥ के लिà¤
दूध पीने के कारण कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤‚ह से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ को शहद चटाने से मà¥à¤‚ह की दà¥à¤°à¥à¤—ंध दूर हो जाती है। शहद में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाया जाता है जो ओरल हेलà¥à¤¥ के लिठफायदेमंद होता है।
​लिवर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में
शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाया जाता है जो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ाने के साथ ही लिवर को à¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। बचà¥à¤šà¥‡ की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ मजबूत होने पर बीमारियों से बचाव होता है।
​बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद कैसे दें?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चमà¥à¤®à¤š या निपल से कम मातà¥à¤°à¤¾ में शहद देना चाहिà¤à¥¤ इससे यह जानने में आसानी होती है कि शहद से बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो रही है या नहीं। इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को निमà¥à¤¨ तरीकों से शहद दिया जा सकता है:
ओटमील में शहद मिलाकर
जैम की जगह बà¥à¤°à¥‡à¤¡ पर शहद लगाकर
दही में शहद मिलाकर
सà¥à¤®à¥‚दी में शहद मिलाकर
​बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद देते समय इन बातों का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा शà¥à¤¦à¥à¤§ शहद देना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
शहद में चीटियां लग गयी हों तो बचà¥à¤šà¥‡ को न दें।
इस तरह औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने के कारण à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद खिलाना बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेकर ही बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना चाहिà¤à¥¤
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